जब वह ब्राह्मण इस प्रकार उन्हें भला-बुरा कहने लगा, तब अर्जुन योगबलसे तत्काल संयमनीपुरीमें गये, जहाँ भगवान् यमराज निवास करते हैं॥ ४३॥✎ 14451446
एवं शपति विप्रर्षौ विद्यामास्थाय फाल्गुनः।
ययौ संयमनीमाशु यत्रास्ते भगवान् यमः॥ ४३
जब वह ब्राह्मण इस प्रकार उन्हें भला-बुरा कहने लगा, तब अर्जुन योगबलसे तत्काल संयमनीपुरीमें गये, जहाँ भगवान् यमराज निवास करते हैं॥ ४३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.89.43 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 697) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/89/43/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)
#1445 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): निऋर्ति, → निऋर्ऋति,
#1446 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): निऋर्ऋति, → निर्ऋति,