श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.1.6

नवम स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

सूत उवाच

एवं परीक्षिता राज्ञा सदसि ब्रह्मवादिनाम्।

पृष्टः प्रोवाच भगवाञ्छुकः परमधर्मवित्॥ ६

evaṃ parīkṣitā rājñā sadasi brahmavādinām|

pṛṣṭaḥ provāca bhagavāñchukaḥ paramadharmavit|| 6

अर्थ

सूतजी कहते हैं—शौनकादि ऋषियो! ब्रह्मवादी ऋषियोंकी सभामें राजा परीक्षित‍्ने जब यह प्रश्‍न किया, तब धर्मके परम मर्मज्ञ भगवान् श्रीशुकदेवजीने कहा॥ ६॥

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