॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 4.6.16
स्वर्णार्णशतपत्रैश्च वररेणुकजातिभिः।
कुब्जकैर्मल्लिकाभिश्च माधवीभिश्च मण्डितम्॥ १६
svarṇārṇaśatapatraiśca varareṇukajātibhiḥ|
kubjakairmallikābhiśca mādhavībhiśca maṇḍitam|| 16
अर्थ
आम, कदम्ब, नीप, नाग, पुन्नाग, चम्पा, गुलाब, अशोक, मौलसिरी, कुन्द, कुरबक, सुनहरे शतपत्र कमल, इलायची और मालतीकी मनोहर लताएँ तथा कुब्जक, मोगरा और माधवीकी बेलें भी उसकी शोभा बढ़ाती हैं॥ १५-१६॥✎ 1318