श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.13.9

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 13 · अथ त्रयोदशोऽध्यायः

एवं पुराणसन्दोहश्‍चतुर्लक्ष उदाहृतः।

तत्राष्टादशसाहस्रं श्रीभागवतमिष्यते॥ ९

evaṃ purāṇasandohaścaturlakṣa udāhṛtaḥ|

tatrāṣṭādaśasāhasraṃ śrībhāgavatamiṣyate|| 9

अर्थ

इस प्रकार सब पुराणोंकी श्‍लोकसंख्या कुल मिलाकर चार लाख होती है। उनमें श्रीमद्भागवत, जैसा कि पहले कहा जा चुका है, अठारह हजार श्‍लोकोंका है॥ ९॥

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