शौनकजी! पहले-पहल भगवान् विष्णुने अपने नाभिकमलपर स्थित एवं संसारसे भयभीत ब्रह्मापर परम करुणा करके इस पुराणको प्रकाशित किया था॥ १०॥
इदं भगवता पूर्वं ब्रह्मणे नाभिपंकजे।
स्थिताय भवभीताय कारुण्यात् सम्प्रकाशितम्॥ १०
शौनकजी! पहले-पहल भगवान् विष्णुने अपने नाभिकमलपर स्थित एवं संसारसे भयभीत ब्रह्मापर परम करुणा करके इस पुराणको प्रकाशित किया था॥ १०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 12.13.10 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 980) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/12/13/10/