श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.12.30

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

गोपानां च परित्राणं दावा‌ग्‍ने परिसर्पतः।

दमनं कालियस्याहेर्महाहेर्नन्दमोक्षणम्॥ ३०

gopānāṃ ca paritrāṇaṃ dāvāgne parisarpataḥ|

damanaṃ kāliyasyāhermahāhernandamokṣaṇam|| 30

अर्थ

दावानलसे घिरे गोपोंकी रक्षा की। कालिय नागका दमन किया। अजगरसे नन्दबाबाको छुड़ाया॥ ३०॥

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