श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.17.3

एकादश स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

पुरा किल महाबाहो धर्मं परमकं प्रभो।

यत्तेन हंसरूपेण ब्रह्मणेऽभ्यात्थ माधव॥ ३

purā kila mahābāho dharmaṃ paramakaṃ prabho|

yattena haṃsarūpeṇa brahmaṇe'bhyāttha mādhava|| 3

अर्थ

प्रभो! महाबाहु माधव! पहले आपने हंसरूपसे अवतार ग्रहण करके ब्रह्माजीको अपने परमधर्मका उपदेश किया था॥ ३॥

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