श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.89.41

दशम स्कन्ध · अध्याय 89 · अथैकोननवतितमोऽध्यायः

न प्रद्युम्‍नो नानिरुद्धो न रामो न च केशवः।

यस्य शेकुः परित्रातुं कोऽन्यस्तदवितेश्‍वरः॥ ४१

na pradyumno nāniruddho na rāmo na ca keśavaḥ|

yasya śekuḥ paritrātuṃ ko'nyastadaviteśvaraḥ|| 41

अर्थ

भला जिसे प्रद्युम्‍न, अनिरुद्ध यहाँतक कि बलराम और भगवान् श्रीकृष्ण भी न बचा सके, उसकी रक्षा करनेमें और कौन समर्थ है?॥ ४१॥

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