श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.89.40

दशम स्कन्ध · अध्याय 89 · अथैकोननवतितमोऽध्यायः

तदाऽऽह विप्रो विजयं विनिन्दन् कृष्णसन्‍निधौ।

मौढ्यं पश्यत मे योऽहं श्रद्दधे क्लीबकत्थनम्॥ ४०

tadā''ha vipro vijayaṃ vinindan kṛṣṇasannidhau|

mauḍhyaṃ paśyata me yo'haṃ śraddadhe klībakatthanam|| 40

अर्थ

अब वह ब्राह्मण भगवान् श्रीकृष्णके सामने ही अर्जुनकी निन्दा करने लगा। वह बोला—‘मेरी मूर्खता तो देखो, मैंने इस नपुंसककी डींगभरी बातोंपर विश्‍वास कर लिया॥ ४०॥

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