श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.81.29

दशम स्कन्ध · अध्याय 81 · अथैकाशीतितमोऽध्यायः

पयःफेननिभाः शय्या दान्ता रुक्मपरिच्छदाः।

पर्यंका हेमदण्डानि चामरव्यजनानि च॥ २९

payaḥphenanibhāḥ śayyā dāntā rukmaparicchadāḥ|

paryaṃkā hemadaṇḍāni cāmaravyajanāni ca|| 29

अर्थ

हाथीके दाँतके बने हुए और सोनेके पातसे मँढ़े हुए पलंगोंपर दूधके फेनकी तरह श्‍वेत और कोमल बिछौने बिछ रहे थे। बहुत-से चँवर वहाँ रखे हुए थे, जिनमें सोनेकी डंडियाँ लगी हुई थीं॥ २९॥

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