yadi satyagirastarhi samakṣaṃ paśya me mukham|| 35
अर्थ
भगवान् श्रीकृष्णने कहा—‘मा! मैंने मिट्टी नहीं खायी। ये सब झूठ बक रहे हैं। यदि तुम इन्हींकी बात सच मानती हो तो मेरा मुँह तुम्हारे सामने ही है, तुम अपनी आँखोंसे देख लो॥ ३५॥✎ 1408
नाहं भक्षितवानम्ब सर्वे मिथ्याभिशंसिनः।
यदि सत्यगिरस्तर्हि समक्षं पश्य मे मुखम्॥ ३५
भगवान् श्रीकृष्णने कहा—‘मा! मैंने मिट्टी नहीं खायी। ये सब झूठ बक रहे हैं। यदि तुम इन्हींकी बात सच मानती हो तो मेरा मुँह तुम्हारे सामने ही है, तुम अपनी आँखोंसे देख लो॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.8.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 179) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/8/35/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)