श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.79.19

दशम स्कन्ध · अध्याय 79 · अथैकोनाशीतितमोऽध्यायः

ततोऽभिव्रज्य भगवान् केरलांस्तु त्रिगर्तकान्।

गोकर्णाख्यं शिवक्षेत्रं सान्‍निध्यं यत्र धूर्जटेः॥ १९

tato'bhivrajya bhagavān keralāṃstu trigartakān|

gokarṇākhyaṃ śivakṣetraṃ sānnidhyaṃ yatra dhūrjaṭeḥ|| 19

अर्थ

अब भगवान् बलराम वहाँसे चलकर केरल और त्रिगर्त देशोंमें होकर भगवान् शंकरके क्षेत्र गोकर्णतीर्थमें आये। वहाँ सदा-सर्वदा भगवान् शंकर विराजमान रहते हैं॥ १९॥

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