श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.72.47

दशम स्कन्ध · अध्याय 72 · अथ द्विसप्ततितमोऽध्यायः

हाहाकारो महानासीन्‍निहते मगधेश्‍वरे।

पूजयामासतुर्भीमं परिरभ्य जयाच्युतौ॥ ४७

hāhākāro mahānāsīnnihate magadheśvare|

pūjayāmāsaturbhīmaṃ parirabhya jayācyutau|| 47

अर्थ

मगधराज जरासन्धकी मृत्यु हो जानेपर वहाँकी प्रजा बड़े जोरसे ‘हाय-हाय!’ पुकारने लगी। भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुनने भीमसेनका आलिंगन करके उनका सत्कार किया॥ ४७॥

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