मगधराज जरासन्धकी मृत्यु हो जानेपर वहाँकी प्रजा बड़े जोरसे ‘हाय-हाय!’ पुकारने लगी। भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुनने भीमसेनका आलिंगन करके उनका सत्कार किया॥ ४७॥
हाहाकारो महानासीन्निहते मगधेश्वरे।
पूजयामासतुर्भीमं परिरभ्य जयाच्युतौ॥ ४७
मगधराज जरासन्धकी मृत्यु हो जानेपर वहाँकी प्रजा बड़े जोरसे ‘हाय-हाय!’ पुकारने लगी। भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुनने भीमसेनका आलिंगन करके उनका सत्कार किया॥ ४७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.72.47 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 586) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/72/47/