भगवन्! तब मैंने यमराजसे कहा—‘देव! पहले मैं अपने पापका फल भोगना चाहता हूँ।’ और उसी क्षण यमराजने कहा—‘तुम गिर जाओ।’ उनके ऐसा कहते ही मैं वहाँसे गिरा और गिरते ही समय मैंने देखा कि मैं गिरगिट हो गया हूँ॥ २४॥
पूर्वं देवाशुभं भुंज इति प्राह पतेति सः।
तावदद्राक्षमात्मानं कृकलासं पतन् प्रभो॥ २४
भगवन्! तब मैंने यमराजसे कहा—‘देव! पहले मैं अपने पापका फल भोगना चाहता हूँ।’ और उसी क्षण यमराजने कहा—‘तुम गिर जाओ।’ उनके ऐसा कहते ही मैं वहाँसे गिरा और गिरते ही समय मैंने देखा कि मैं गिरगिट हो गया हूँ॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.64.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 539) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/64/24/