सबसे बड़े पुत्रका नाम था रुक्मी और चार छोटे थे—जिनके नाम थे क्रमशः रुक्मरथ, रुक्मबाहु, रुक्मकेश और रुक्ममाली। इनकी बहिन थी सती रुक्मिणी॥ २२॥
रुक्म्यग्रजो रुक्मरथो रुक्मबाहुरनन्तरः।
रुक्मकेशो रुक्ममाली रुक्मिण्येषां स्वसा सती॥ २२
सबसे बड़े पुत्रका नाम था रुक्मी और चार छोटे थे—जिनके नाम थे क्रमशः रुक्मरथ, रुक्मबाहु, रुक्मकेश और रुक्ममाली। इनकी बहिन थी सती रुक्मिणी॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.52.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 463) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/52/22/