tasya paṃcābhavan putrāḥ kanyaikā ca varānanā|| 21
अर्थ
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! महाराज भीष्मक विदर्भदेशके अधिपति थे। उनके पाँच पुत्र और एक सुन्दरी कन्या थी॥ २१॥
राजाऽऽसीद् भीष्मको नाम विदर्भाधिपतिर्महान्।
तस्य पंचाभवन् पुत्राः कन्यैका च वरानना॥ २१
श्रीशुकदेवजी कहते हैं—परीक्षित्! महाराज भीष्मक विदर्भदेशके अधिपति थे। उनके पाँच पुत्र और एक सुन्दरी कन्या थी॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.52.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 463) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/52/21/