श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक POST.4.29

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (स्कन्दपुराण) · अध्याय 4 · अथ चतुर्थोऽध्यायः

पारीक्षितेऽपि संवादे निर्गुणं तत् प्रकीर्तितम्।

तत्र सप्तदिनाख्यानं तदायुर्दिनसंख्यया॥ २९

pārīkṣite'pi saṃvāde nirguṇaṃ tat prakīrtitam|

tatra saptadinākhyānaṃ tadāyurdinasaṃkhyayā|| 29

अर्थ

राजा परीक्षित् और शुकदेवके संवादमें भी जो भागवतका सेवन हुआ था, वह निर्गुण ही बताया गया है। उसमें जो सात दिनोंकी बात आती है, वह राजाकी आयुके बचे हुए दिनोंकी संख्याके अनुसार है, सप्ताह-कथाका नियम करनेके लिये नहीं॥ २९॥

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