फिर भगवान् श्रीकृष्णको लक्ष्य करके मन्त्रोच्चारणपूर्वक क्रमशः षोडशोपचारविधिसे पूजन करे और उसके पश्चात् प्रदक्षिणा तथा नमस्कारादि कर इस प्रकार स्तुति करे॥ २६॥✎ 1272
कृष्णमुद्दिश्य मन्त्रेण चरेत्पूजाविधिं क्रमात्।
प्रदक्षिणनमस्कारान् पूजान्ते स्तुतिमाचरेत्॥ २६
फिर भगवान् श्रीकृष्णको लक्ष्य करके मन्त्रोच्चारणपूर्वक क्रमशः षोडशोपचारविधिसे पूजन करे और उसके पश्चात् प्रदक्षिणा तथा नमस्कारादि कर इस प्रकार स्तुति करे॥ २६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण PRE.6.26 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 72) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/mahatmya/padma/6/26/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1272 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): षोडशोपचार-विधिसे → षोडशोपचारविधिसे