श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.6.14

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

अर्वाक्पञ्चाहतो यत्नादास्तीर्णानि प्रमेलयेत्।

कर्तव्यो मण्डपः प्रोच्चैः कदलीखण्डमण्डितः॥ १४

arvākpañcāhato yatnādāstīrṇāni pramelayet|

kartavyo maṇḍapaḥ proccaiḥ kadalīkhaṇḍamaṇḍitaḥ|| 14

अर्थ

पाँच दिन पहलेसे ही यत्नपूर्वक बहुत-से बिछानेके वस्त्र एकत्र कर ले तथा केलेके खंभोंसे सुशोभित एक ऊँचा मण्डप तैयार कराये॥ १४॥✎ 1271

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
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