श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.5.89

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 5 · अथ पञ्चमोऽध्यायः

इतिहासमिमं पुण्यं शाण्डिल्योऽपि मुनीश्‍वरः।

पठते चित्रकूटस्थो ब्रह्मानन्दपरिप्लुतः॥ ८९

itihāsamimaṃ puṇyaṃ śāṇḍilyo'pi munīśvaraḥ|

paṭhate citrakūṭastho brahmānandapariplutaḥ|| 89

अर्थ

इस परम पवित्र इतिहासका पाठ चित्रकूटपर विराजमान मुनीश्‍वर शाण्डिल्य भी ब्रह्मानन्दमें मग्न होकर करते रहते हैं॥ ८९॥

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