श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.3.49

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

मनसश्चाजयाद्रोगात्पुंसां चैवायुषः क्षयात्।

कलेर्दोषबहुत्वाच्च सप्ताहश्रवणं मतम्॥ ४९

manasaścājayādrogātpuṃsāṃ caivāyuṣaḥ kṣayāt|

kalerdoṣabahutvācca saptāhaśravaṇaṃ matam|| 49

अर्थ

मनके असंयम, रोगोंकी बहुलता और आयुकी अल्पताके कारण तथा कलियुगमें अनेकों दोषोंकी सम्भावनासे ही सप्ताहश्रवणका विधान किया गया है॥ ४९॥

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