श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.3.48

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

श्रद्धातः श्रवणे नित्यं माघे तावद्धि यत्फलम्।

तत्फलं शुकदेवेन सप्ताहश्रवणे कृतम्॥ ४८

śraddhātaḥ śravaṇe nityaṃ māghe tāvaddhi yatphalam|

tatphalaṃ śukadevena saptāhaśravaṇe kṛtam|| 48

अर्थ

श्रद्धापूर्वक कभी भी श्रवण करनेसे अथवा माघमासमें श्रवण करनेसे जो फल होता है, वही फल श्रीशुकदेवजीने सप्ताहश्रवणमें निर्धारित किया है॥ ४८॥

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