श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक PRE.2.62

श्रीमद्भागवतमाहात्म्य (पद्मपुराण) · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

प्रलयं हि गमिष्यन्ति श्रीमद्भागवतध्वनेः।

कलेर्दोषा इमे सर्वे सिंहशब्दाद् वृका इव॥ ६२

pralayaṃ hi gamiṣyanti śrīmadbhāgavatadhvaneḥ|

kalerdoṣā ime sarve siṃhaśabdād vṛkā iva|| 62

अर्थ

सिंहकी गर्जना सुनकर जैसे भेड़िये भाग जाते हैं, उसी प्रकार श्रीमद्भागवतकी ध्वनिसे कलियुगके सारे दोष नष्ट हो जायँगे॥ ६२॥✎ 1564

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1564 पंक्तिके अन्तका योजक-चिह्न: कर्म)-का → कर्म)का

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