श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.20.3

नवम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

तस्य सुद्युरभूत् पुत्रस्तस्माद् बहुगवस्ततः।

संयातिस्तस्याहंयाती रौद्राश्‍वस्तत्सुतः स्मृतः॥ ३

tasya sudyurabhūt putrastasmād bahugavastataḥ|

saṃyātistasyāhaṃyātī raudrāśvastatsutaḥ smṛtaḥ|| 3

अर्थ

चारुपदसे सुद्यु, सुद्युसे बहुगव, बहुगवसे संयाति, संयातिसे अहंयाति और अहंयातिसे रौद्राश्‍व हुआ॥ ३॥

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