श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.20.22

नवम स्कन्ध · अध्याय 20 · अथ विंशोऽध्यायः

रेतोधाः पुत्रो नयति नरदेव यमक्षयात्।

त्वं चास्य धाता गर्भस्य सत्यमाह शकुन्तला॥ २२

retodhāḥ putro nayati naradeva yamakṣayāt|

tvaṃ cāsya dhātā garbhasya satyamāha śakuntalā|| 22

अर्थ

राजन्! वंशकी वृद्धि करनेवाला पुत्र अपने पिताको नरकसे उबार लेता है। शकुन्तलाका कहना बिलकुल ठीक है। इस गर्भको धारण करानेवाले तुम्हीं हो’॥ २२॥

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