श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 9.12.6

नवम स्कन्ध · अध्याय 12 · अथ द्वादशोऽध्यायः

योऽसावास्ते योगसिद्धः कलापग्राममाश्रितः।

कलेरन्ते सूर्यवंशं नष्टं भावयिता पुनः॥ ६

yo'sāvāste yogasiddhaḥ kalāpagrāmamāśritaḥ|

kalerante sūryavaṃśaṃ naṣṭaṃ bhāvayitā punaḥ|| 6

अर्थ

मरुने योगसाधनासे सिद्धि प्राप्त कर ली और वह इस समय भी कलाप नामक ग्राममें रहता है। कलियुगके अन्तमें सूर्यवंशके नष्ट हो जानेपर वह उसे फिरसे चलायेगा॥ ६॥

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