इस प्रकार सिरसे स्नान करके भगवान् श्रीरामने सुन्दर वस्त्र, पुष्पमालाएँ और अलंकार धारण किये। सभी भाइयों और श्रीजानकीजीने भी सुन्दर-सुन्दर वस्त्र और अलंकार धारण किये। उनके साथ भगवान् श्रीरामजी अत्यन्त शोभायमान हुए॥ ५०॥✎ 1639
एवं कृतशिरःस्नानः सुवासाः स्रग्व्यलंकृतः।
स्वलंकृतैः सुवासोभिर्भ्रातृभिर्भार्यया बभौ॥ ५०
इस प्रकार सिरसे स्नान करके भगवान् श्रीरामने सुन्दर वस्त्र, पुष्पमालाएँ और अलंकार धारण किये। सभी भाइयों और श्रीजानकीजीने भी सुन्दर-सुन्दर वस्त्र और अलंकार धारण किये। उनके साथ भगवान् श्रीरामजी अत्यन्त शोभायमान हुए॥ ५०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.10.50 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 59) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/10/50/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)