परीक्षित्! परम यशस्वी भगवान् वसिष्ठने ऐसा निश्चय करके उस इला नामकी कन्याको ही पुरुष बना देनेके लिये पुरुषोत्तम भगवान् नारायणकी स्तुति की॥ २१॥
एवं व्यवसितो राजन् भगवान् स महायशाः।
अस्तौषीदादिपुरुषमिलायाः पुंस्त्वकाम्यया॥ २१
परीक्षित्! परम यशस्वी भगवान् वसिष्ठने ऐसा निश्चय करके उस इला नामकी कन्याको ही पुरुष बना देनेके लिये पुरुषोत्तम भगवान् नारायणकी स्तुति की॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 9.1.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 9) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/9/1/21/