श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.24.38

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 24 · अथ चतुर्विंशोऽध्यायः

मदीयं महिमानं च परं ब्रह्मेति शब्दितम्।

वेत्स्यस्यनुगृहीतं मे संप्रश्नैर्विवृतं हृदि॥ ३८

madīyaṃ mahimānaṃ ca paraṃ brahmeti śabditam|

vetsyasyanugṛhītaṃ me saṃpraśnairvivṛtaṃ hṛdi|| 38

अर्थ

उस समय जब तुम प्रश्न करोगे तब मैं तुम्हें उपदेश दूँगा। मेरे अनुग्रहसे मेरी वास्तविक महिमा, जिसका नाम ‘परब्रह्म’ है, तुम्हारे हृदयमें प्रकट हो जायगी और तुम उसे ठीक-ठीक जान लोगे॥ ३८॥

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