जब उनका उपनयन-संस्कार होने लगा, तब गायत्रीके अधिष्ठातृ-देवता स्वयं सविताने उन्हें गायत्रीका उपदेश किया। देवगुरु बृहस्पतिजीने यज्ञोपवीत और कश्यपने मेखला दी॥ १४॥✎ 7827831626
तस्योपनीयमानस्य सावित्रीं सविताब्रवीत्।
बृहस्पतिर्ब्रह्मसूत्रं मेखलां कश्यपोऽददात्॥ १४
जब उनका उपनयन-संस्कार होने लगा, तब गायत्रीके अधिष्ठातृ-देवता स्वयं सविताने उन्हें गायत्रीका उपदेश किया। देवगुरु बृहस्पतिजीने यज्ञोपवीत और कश्यपने मेखला दी॥ १४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.18.14 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 990) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/18/14/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (3)