॥ श्रीहरिः ॥
ततो रथो मातलिना हरिभिर्दशशतैर्वृतः।
आनीतो द्विपमुत्सृज्य रथमारुरुहे विभुः॥ १६
tato ratho mātalinā haribhirdaśaśatairvṛtaḥ|
ānīto dvipamutsṛjya rathamāruruhe vibhuḥ|| 16
अर्थ
उसी समय इन्द्रका सारथि मातलि हजार घोड़ोंसे जुता हुआ रथ ले आया और शक्तिशाली इन्द्र ऐरावतको छोड़कर तुरंत रथपर सवार हो गये॥ १६॥
ततो रथो मातलिना हरिभिर्दशशतैर्वृतः।
आनीतो द्विपमुत्सृज्य रथमारुरुहे विभुः॥ १६
उसी समय इन्द्रका सारथि मातलि हजार घोड़ोंसे जुता हुआ रथ ले आया और शक्तिशाली इन्द्र ऐरावतको छोड़कर तुरंत रथपर सवार हो गये॥ १६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.11.16 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 959) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/11/16/