॥ श्रीहरिः ॥
कामदेवेन दुर्मर्ष उत्कलो मातृभिः सह।
बृहस्पतिश्चोशनसा नरकेण शनैश्चरः॥ ३३
kāmadevena durmarṣa utkalo mātṛbhiḥ saha|
bṛhaspatiścośanasā narakeṇa śanaiścaraḥ|| 33
अर्थ
दुर्मर्षकी कामदेवसे, उत्कलकी मातृगणोंसे, शुक्राचार्यकी बृहस्पतिसे और नरकासुरकी शनैश्चरसे लड़ाई होने लगी॥ ३३॥
कामदेवेन दुर्मर्ष उत्कलो मातृभिः सह।
बृहस्पतिश्चोशनसा नरकेण शनैश्चरः॥ ३३
दुर्मर्षकी कामदेवसे, उत्कलकी मातृगणोंसे, शुक्राचार्यकी बृहस्पतिसे और नरकासुरकी शनैश्चरसे लड़ाई होने लगी॥ ३३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.10.33 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 954) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/10/33/