श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 8.10.33

अष्टम स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

कामदेवेन दुर्मर्ष उत्कलो मातृभिः सह।

बृहस्पतिश्चोशनसा नरकेण शनैश्‍चरः॥ ३३

kāmadevena durmarṣa utkalo mātṛbhiḥ saha|

bṛhaspatiścośanasā narakeṇa śanaiścaraḥ|| 33

अर्थ

दुर्मर्षकी कामदेवसे, उत्कलकी मातृगणोंसे, शुक्राचार्यकी बृहस्पतिसे और नरकासुरकी शनैश्‍चरसे लड़ाई होने लगी॥ ३३॥

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