॥ श्रीहरिः ॥
मरुतो निवातकवचैः कालेयैर्वसवोऽमराः।
विश्वेदेवास्तु पौलोमै रुद्राः क्रोधवशैः सह॥ ३४
maruto nivātakavacaiḥ kāleyairvasavo'marāḥ|
viśvedevāstu paulomai rudrāḥ krodhavaśaiḥ saha|| 34
अर्थ
निवातकवचोंके साथ मरुद्गण, कालेयोंके साथ वसुगण, पौलोमोंके साथ विश्वेदेवगण तथा क्रोधवशोंके साथ रुद्रगणका संग्राम होने लगा॥ ३४॥
मरुतो निवातकवचैः कालेयैर्वसवोऽमराः।
विश्वेदेवास्तु पौलोमै रुद्राः क्रोधवशैः सह॥ ३४
निवातकवचोंके साथ मरुद्गण, कालेयोंके साथ वसुगण, पौलोमोंके साथ विश्वेदेवगण तथा क्रोधवशोंके साथ रुद्रगणका संग्राम होने लगा॥ ३४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.10.34 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 954) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/10/34/