राहुके साथ चन्द्रमा और पुलोमाके साथ वायुका युद्ध हुआ। भद्रकालीदेवी निशुम्भ और शुम्भपर झपट पड़ीं॥ ३१॥✎ 1987
राहुणा च तथा सोमः पुलोम्ना युयुधेऽनिलः।
निशुम्भशुम्भयोर्देवी भद्रकाली तरस्विनी॥ ३१
राहुके साथ चन्द्रमा और पुलोमाके साथ वायुका युद्ध हुआ। भद्रकालीदेवी निशुम्भ और शुम्भपर झपट पड़ीं॥ ३१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 8.10.31 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 954) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/8/10/31/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1987 मुद्रणकी अपनी भूल (गीताप्रेसके पुराने संस्करणों और ग्रन्थकी अपनी गणनासे): महोदवजीकी → महादेवजीकी