श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 7.3.14

सप्तम स्कन्ध · अध्याय 3 · अथ तृतीयोऽध्यायः

इति विज्ञापितो देवैर्भगवानात्मभूर्नृप।

परीतो भृगुदक्षाद्यैर्ययौ दैत्येश्‍वराश्रमम्॥ १४

iti vijñāpito devairbhagavānātmabhūrnṛpa|

parīto bhṛgudakṣādyairyayau daityeśvarāśramam|| 14

अर्थ

युधिष्ठिर! जब देवताओंने भगवान् ब्रह्माजीसे इस प्रकार निवेदन किया, तब वे भृगु और दक्ष आदि प्रजापतियोंके साथ हिरण्यकशिपुके आश्रमपर गये॥ १४॥

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