यह दमघोषका लड़का पापात्मा शिशुपाल और दुर्बुद्धि दन्तवक्त्र—दोनों ही जबसे तुतलाकर बोलने लगे थे, तबसे अबतक भगवान्से द्वेष ही करते रहे हैं॥ १७॥✎ 564565566567
दमघोषसुतः पाप आरभ्य कलभाषणात्।
सम्प्रत्यमर्षी गोविन्दे दन्तवक्त्रश्च दुर्मतिः॥ १७
यह दमघोषका लड़का पापात्मा शिशुपाल और दुर्बुद्धि दन्तवक्त्र—दोनों ही जबसे तुतलाकर बोलने लगे थे, तबसे अबतक भगवान्से द्वेष ही करते रहे हैं॥ १७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 7.1.17 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 807) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/7/1/17/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (4)