श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 6.7.20

षष्ठ स्कन्ध · अध्याय 7 · अथ सप्तमोऽध्यायः

तांस्तथाभ्यर्दितान् वीक्ष्य भगवानात्मभूरजः।

कृपया परया देव उवाच परिसान्त्वयन्॥ २०

tāṃstathābhyarditān vīkṣya bhagavānātmabhūrajaḥ|

kṛpayā parayā deva uvāca parisāntvayan|| 20

अर्थ

स्वयम्भू एवं समर्थ ब्रह्माजीने देखा कि देवताओंकी तो सचमुच बड़ी दुर्दशा हो रही है। अतः उनका हृदय अत्यन्त करुणासे भर गया। वे देवताओंको धीरज बँधाते हुए कहने लगे॥ २०॥

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