इसके बाद कुछ ही दिनोंमें इस विद्याके प्रभावसे उनका मन और भी शुद्ध हो गया। अब वे देवाधिदेव भगवान् शेषजीके चरणोंके समीप पहुँच गये॥ २९॥
ततः कतिपयाहोभिर्विद्ययेद्धमनोगतिः।
जगाम देवदेवस्य शेषस्य चरणान्तिकम्॥ २९
इसके बाद कुछ ही दिनोंमें इस विद्याके प्रभावसे उनका मन और भी शुद्ध हो गया। अब वे देवाधिदेव भगवान् शेषजीके चरणोंके समीप पहुँच गये॥ २९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.16.29 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 781) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/16/29/