राजा चित्रकेतुने देवर्षि नारदके द्वारा उपदिष्ट विद्याका उनके आज्ञानुसार सात दिनतक केवल जल पीकर बड़ी एकाग्रताके साथ अनुष्ठान किया॥ २७॥
चित्रकेतुस्तु विद्यां तां यथा नारदभाषिताम्।
धारयामास सप्ताहमब्भक्षः सुसमाहितः॥ २७
राजा चित्रकेतुने देवर्षि नारदके द्वारा उपदिष्ट विद्याका उनके आज्ञानुसार सात दिनतक केवल जल पीकर बड़ी एकाग्रताके साथ अनुष्ठान किया॥ २७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 6.16.27 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 781) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/6/16/27/