भगवान्का यह अवतार रजोगुणसे भरे हुए लोगोंको मोक्षमार्गकी शिक्षा देनेके लिये ही हुआ था॥ १२॥
अयमवतारो रजसोपप्लुतकैवल्योपशिक्षणार्थः ॥ १२॥
भगवान्का यह अवतार रजोगुणसे भरे हुए लोगोंको मोक्षमार्गकी शिक्षा देनेके लिये ही हुआ था॥ १२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 5.6.12 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 601) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/5/6/12/