श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.9.26

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

मैत्रेय उवाच

इत्यर्चितः स भगवानतिदिश्यात्मनः पदम्।

बालस्य पश्यतो धाम स्वमगाद्गरुडध्वजः॥ २६

ityarcitaḥ sa bhagavānatidiśyātmanaḥ padam|

bālasya paśyato dhāma svamagādgaruḍadhvajaḥ|| 26

अर्थ

श्रीमैत्रेयजी कहते हैं—बालक ध्रुवसे इस प्रकार पूजित हो और उसे अपना पद प्रदानकर भगवान् श्रीगरुडध्वज उसके देखते-देखते अपने लोकको चले गये॥ २६॥

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