तीसरा महीना नौ-नौ दिनपर केवल जल पीकर समाधियोगके द्वारा श्रीहरिकी आराधना करते हुए बिताया॥ ७४॥✎ 3721323
तृतीयं चानयन्मासं नवमे नवमेऽहनि।
अब्भक्ष उत्तमश्लोकमुपाधावत्समाधिना॥ ७४
तीसरा महीना नौ-नौ दिनपर केवल जल पीकर समाधियोगके द्वारा श्रीहरिकी आराधना करते हुए बिताया॥ ७४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.8.74 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 450) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/8/74/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)