प्रचेताओंने भी ब्रह्माजीके आदेशसे उस मारिषा नामकी कन्यासे विवाह कर लिया। इसीके गर्भसे ब्रह्माजीके पुत्र दक्षने, श्रीमहादेवजीकी अवज्ञाके कारण अपना पूर्वशरीर त्यागकर जन्म लिया॥ ४८॥✎ 4244251349
ते च ब्रह्मण आदेशान्मारिषामुपयेमिरे।
यस्यां महदवज्ञानादजन्यजनयोनिजः॥ ४८
प्रचेताओंने भी ब्रह्माजीके आदेशसे उस मारिषा नामकी कन्यासे विवाह कर लिया। इसीके गर्भसे ब्रह्माजीके पुत्र दक्षने, श्रीमहादेवजीकी अवज्ञाके कारण अपना पूर्वशरीर त्यागकर जन्म लिया॥ ४८॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 4.30.48 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 569) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/4/30/48/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (3)