श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 4.26.11

चतुर्थ स्कन्ध · अध्याय 26 · अथ षड्विंशोऽध्यायः

ततः क्षुत्तृट्परिश्रान्तो निवृत्तो गृहमेयिवान्।

कृतस्नानोचिताहारः संविवेश गतक्लमः॥ ११

tataḥ kṣuttṛṭpariśrānto nivṛtto gṛhameyivān|

kṛtasnānocitāhāraḥ saṃviveśa gataklamaḥ|| 11

अर्थ

तब वह भूख-प्याससे अत्यन्त शिथिल हो वनसे लौटकर राजमहलमें आया। वहाँ उसने यथायोग्य रीतिसे स्नान और भोजनसे निवृत्त हो, कुछ विश्राम करके थकान दूर की॥ ११॥

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