ब्रह्माजीके चले जानेपर कर्दमजीने उनके आज्ञानुसार मरीचि आदि प्रजापतियोंके साथ अपनी कन्याओंका विधिपूर्वक विवाह कर दिया॥ २१॥
गते शतधृतौ क्षत्तः कर्दमस्तेन चोदितः।
यथोदितं स्वदुहितॄः प्रादाद्विश्वसृजां ततः॥ २१
ब्रह्माजीके चले जानेपर कर्दमजीने उनके आज्ञानुसार मरीचि आदि प्रजापतियोंके साथ अपनी कन्याओंका विधिपूर्वक विवाह कर दिया॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.24.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 354) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/24/21/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1013 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): स्वदुहितृ: → स्वदुहितॄः