श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 3.14.6

तृतीय स्कन्ध · अध्याय 14 · अथ चतुर्दशोऽध्यायः

अथात्रापीतिहासोऽयं श्रुतो मे वर्णितः पुरा।

ब्रह्मणा देवदेवेन देवानामनुपृच्छताम्॥ ६

athātrāpītihāso'yaṃ śruto me varṇitaḥ purā|

brahmaṇā devadevena devānāmanupṛcchatām|| 6

अर्थ

पूर्वकालमें एक बार इसी वाराहभगवान् और हिरण्याक्षके युद्धके विषयमें देवताओंके प्रश्न करनेपर देवदेव श्रीब्रह्माजीने उन्हें यह इतिहास सुनाया था और उसीको परम्परासे मैंने सुना है॥ ६॥✎ 1967

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
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