आप साधुशिरोमणि हैं। आप मुझे आदिराज राजर्षि स्वायम्भुव मनुका पवित्र चरित्र सुनाइये। वे श्रीविष्णुभगवान्के शरणापन्न थे, इसलिये उनका चरित्र सुननेमें मेरी बहुत श्रद्धा है॥ ३॥✎ 1306
चरितं तस्य राजर्षेरादिराजस्य सत्तम।
ब्रूहि मे श्रद्दधानाय विष्वक्सेनाश्रयो ह्यसौ॥ ३
आप साधुशिरोमणि हैं। आप मुझे आदिराज राजर्षि स्वायम्भुव मनुका पवित्र चरित्र सुनाइये। वे श्रीविष्णुभगवान्के शरणापन्न थे, इसलिये उनका चरित्र सुननेमें मेरी बहुत श्रद्धा है॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.13.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 292) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/13/3/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1306 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): श्रीविष्णु-भगवान्के → श्रीविष्णुभगवान्के