भगवान्ने मुझे जो उपदेश किया था, वह यही ‘भागवत’ है। इसमें भगवान्की विभूतियोंका संक्षिप्त वर्णन है। तुम इसका विस्तार करो॥ ५१॥✎ 161162163164
इदं भागवतं नाम यन्मे भगवतोदितम्।
संग्रहोऽयं विभूतीनां त्वमेतद् विपुलीकुरु॥ ५१
भगवान्ने मुझे जो उपदेश किया था, वह यही ‘भागवत’ है। इसमें भगवान्की विभूतियोंका संक्षिप्त वर्णन है। तुम इसका विस्तार करो॥ ५१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.7.51 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 218) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/2/7/51/