श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.6.8

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

सूत उवाच

इत्युक्तस्तमनुज्ञाप्य भगवान् बादरायणिः।

जगाम भिक्षुभिः साकं नरदेवेन पूजितः॥ ८

ityuktastamanujñāpya bhagavān bādarāyaṇiḥ|

jagāma bhikṣubhiḥ sākaṃ naradevena pūjitaḥ|| 8

अर्थ

सूतजी कहते हैं—शौनकादि ऋषियो! राजा परीक्षित‍्ने भगवान् श्रीशुकदेवजीसे इस प्रकार कहकर बड़े प्रेमसे उनकी पूजा की। अब वे परीक्षित‍्से विदा लेकर समागत त्यागी महात्माओं, भिक्षुओंके साथ वहाँसे चले गये॥ ८॥

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