श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.6.23

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 6 · अथ षष्ठोऽध्यायः

तं पतन्तं विमानेन सहतक्षकमम्बरात्।

विलोक्यांगिरसः प्राह राजानं तं बृहस्पतिः॥ २३

taṃ patantaṃ vimānena sahatakṣakamambarāt|

vilokyāṃgirasaḥ prāha rājānaṃ taṃ bṛhaspatiḥ|| 23

अर्थ

अंगिरानन्दन बृहस्पतिजीने देखा कि आकाशसे देवराज इन्द्र विमान और तक्षकके साथ ही अग्‍निकुण्डमें गिर रहे हैं; तब उन्होंने राजा जनमेजयसे कहा—॥ २३॥

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